
04 नव॰ 202613 मिनट
भौतिकीईश्वर क्वांटा में है
हमने हज़ारों वर्ष ईश्वर को ऊपर तलाशते बिताए हैं। क्या हो यदि हम ग़लत दिशा में देख रहे हों? क्या हो यदि ईश्वर ब्रह्मांड के ऊपर से नीचे नहीं देख रहा, बल्कि उसके सबसे छोटे हिस्सों के भीतर से बाहर देख रहा हो?
